
भोपाल का ट्विशा शर्मा सुसाइड केस अब सिर्फ एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह रसूख, प्रभाव और कानूनी दांव-पेच की एक ऐसी उलझी हुई कहानी बन चुका है जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और सनसनीखेज धमाका तब हुआ, जब पुपूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की कॉल डिटेल्स सामने आई. इस कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने साफ कर दिया है कि ट्विशा की मौत के ठीक अगले दिन यानी 13 मई को उनकी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने न्यायपालिका से जुड़े कई बड़े जजों को ताबड़तोड़ फोन मिलाए थे.कॉल डिटेल्स की जो लिस्ट सामने आई है, उसमें दो नंबर उन तकनीशियनों (विनोद वाणी और रोहित विश्वकर्मा) के भी हैं, जो घर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगाने और मेंटेन करने का काम करते हैं.
ट्विशा के परिजनों ने पहले भी आरोप लगाया था कि सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है. ऐसे में ट्विशा की मौत के तुरंत बाद इन लोगों से बातचीत होने के बाद अब यह शक और गहरा गया है. इस बीच, ट्विशा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात की है और साफ शब्दों में कहा है कि जब तक यह मामला स्थानीय पुलिस के हाथ में रहेगा, तब तक न्याय की उम्मीद कम है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच तुरंत सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए. इसके साथ ही राज्यपाल मंगूभाई पटेल को पत्र लिखकर मांग की गई है कि गिरिबाला सिंह को उनके वर्तमान प्रशासनिक पद (जिला उपभोक्ता आयोग भोपाल बेंच-2 के अध्यक्ष) से तुरंत बर्खास्त किया जाए.
