
भोपाल की ट्विशा शर्मा… ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर… और अब अमरोहा की पुष्पेंद्री देवी. तीन शहर, तीन बेटियां और लगभग एक जैसी दर्दनाक कहानी. शादी के बाद सपनों के साथ ससुराल गईं बेटियां, लेकिन कुछ महीनों के भीतर उनकी जिंदगी चीखों, डर और मौत की खबर में बदल गई. अमरोहा जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के बगड़पुर चोइया गांव में 19 साल की नवविवाहिता पुष्पेंद्री देवी मंगलवार रात अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली, लेकिन इस मौत से पहले हुआ एक फोन कॉल हर किसी को झकझोर रहा है.
पुष्पेंद्री ने शाम करीब साढ़े 6 बजे अपने पिता बलबीर सिंह को फोन किया था. फोन के दूसरी तरफ बेटी रो रही थी, कांप रही थी और बार-बार एक ही बात कह रही थी कि ‘पापा, मुझे यहां से ले जाओ… ये लोग मुझे मार डालेंगे.’ पिता ने बेटी को समझाने की कोशिश की. कहा कि वह तुरंत आ रहे हैं, लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह उनकी बेटी से आखिरी बातचीत होगी.
बलबीर सिंह कहते हैं कि ‘वह फोन पर बेबस होकर रो रही थी. बार-बार कह रही थी कि उसकी जान को खतरा है. मैंने उसे दिलासा दिया, लेकिन मेरे पहुंचने से पहले ही खबर आ गई कि मेरी बेटी मर गई.’
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