
दिल्ली-NCR में टैक्सी, ऑटो और ट्रांसपोर्ट यूनियनों की तीन दिन की हड़ताल का असर अब धीरे-धीरे तेज होता दिखाई दे रहा है. सुबह जहां कई इलाकों में स्थिति सामान्य नजर आ रही थी, वहीं दिन बढ़ने के साथ बॉर्डर इलाकों में ट्रकों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं. ऐप आधारित कैब सेवाओं Ola, Uber और Rapido की उपलब्धता भी कई जगह प्रभावित हुई है. यात्रियों को रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और ऑफिस हब तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यूनियनों का कहना है कि बढ़ती पेट्रोल, डीजल और CNG कीमतों के बीच मौजूदा किराए पर संचालन करना मुश्किल हो गया है. इसके अलावा ECC शुल्क में बढ़ोतरी और BS-IV कमर्शियल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध को लेकर भी ट्रांसपोर्ट संगठन सरकार के खिलाफ नाराज हैं.
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और कई ड्राइवर यूनियन इस आंदोलन का समर्थन कर रही हैं. यूनियनों ने दिल्ली सरकार से किराए में तत्काल संशोधन और कमर्शियल ड्राइवरों के लिए लंबी अवधि की नीतियों पर चर्चा की मांग की है. हालांकि सभी यूनियनें इस हड़ताल के साथ नहीं हैं. छह ऑटो यूनियनों ने खुद को ‘चक्का जाम’ से अलग कर लिया है. दूसरी ओर दिल्ली की गाज़ीपुर मंडी जैसी जगहों पर ट्रांसपोर्ट गतिविधियां सामान्य बनी हुई हैं और जरूरी सामान की सप्लाई पर फिलहाल बड़ा असर नहीं दिख रहा है.
